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    यूसीआईएल ने मनाया हीरक जयंती वर्ष; भारत की यूरेनियम खनन एवं प्रसंस्करण क्षमता के छह दशकपूरे

    प्रकाशित तिथि : अक्टूबर 6, 2026

    जादूगोड़ा, झारखंड | 4 अक्टूबर 2026

    • यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेडपरमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र केएकउपक्रम ने अपनाहीरक जयंती वर्ष मनाया, जो4 अक्टूबर 1967 को इसके निगमन (इनकारपोरेशन) तथाभारत के नाभिकीय ऊर्जा कार्यक्रम में इसके योगदान के दशक पूरे होने का प्रतीक है।
    • परमाणु ऊर्जा आयोग की सदस्य वित्त सुश्री सीमा जैन जादूगोड़ा में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रौद्योगिकी प्रदर्शन पायलट संयंत्र तथा डीएई के सहायता प्राप्त संस्थान, साहा नाभिकीय भौतिकी संस्थान की डार्क मैटर प्रयोगशाला हेतु प्रस्तावित नएस्थल का दौरा किया।
    • अपनी तरह की प्रथमपत्रकारकार्यशालामें मीडिया प्रतिनिधियों को यूसीआईएलके प्रचालनकाप्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया।
    • विद्यालयी छात्रों के लिए आयोजित विशेष डीएई प्रौद्योगिकी प्रदर्शनीने नाभिकीय ऊर्जा के औद्योगिक एवं सामाजिक अनुप्रयोगों को प्रदर्शित किया।
    • समारोह में यूसीआईएल की यूरेनियम खनन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में निरंतरविकसित होती क्षमताओं को प्रदर्शित किया गया तथा भारत के नाभिकीय ऊर्जाकार्यक्रम में इसके ऐतिहासिक और निरंतर योगदान पर भी प्रकाश डाला गया।

    यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल), परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र का एक उपक्रम है। इसने4 अक्टूबर 2026 को अपनाहीरक जयंती वर्षमनाया जो यूरेनियम खनन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में इसकी छह दशकोंकी गौरवमयी यात्रा तथा भारत के नाभिकीयऊर्जा कार्यक्रम में अग्रणीभूमिका में इसके योगदान का प्रतीक है।

    जादूगोड़ा में आयोजित हीरक जयंती वर्ष समारोह में वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों, अभियंताओं, तकनीकी कार्मिकों, कर्मचारियों, मीडियाप्रतिनिधियों तथा अन्य हितधारकों ने भाग लिया। इस अवसर पर यूसीआईएल कीसंस्थागत यात्रा के एक महत्वपूर्ण पड़ाव का स्मरण करने तथा भविष्य कीसंभावनाओं और साझा उत्तरदायित्वों की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्पलिया गया।

    हीरक जयंती वर्ष समारोह मेंपरमाणु ऊर्जा आयोग की सदस्य वित्त सुश्री सीमा जैनमुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जादूगोड़ा स्थितसी, अनुसंधान एवं विकास केंद्र के प्रौद्योगिकी प्रदर्शन पायलट संयंत्र तथा जादूगोड़ा भूमिगत खदान के 815 मीटर स्तर पर डार्क मैटर प्रयोगशाला हेतु प्रस्तावित नए स्थल का भी दौरा किया।

    इस अवसर पर परमाणु ऊर्जा आयोग की सदस्य वित्त सुश्री सीमा जैन नेकहा कि “यूसीआईएल का हीरक जयंती वर्ष वैज्ञानिक क्षमता, संस्थागत अनुभव और राष्ट्र के प्रति समर्पित सेवा केछह दशकों काउत्सव है। डॉ. होमी जहांगीर भाभा तथा उन अग्रदूतों को जिन्होंने भारत में यूरेनियम खनन एवं प्रसंस्करण क्षमताओंकी नींव रखी को सादर श्रद्धापूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करने का भी अवसर है। धरती की गहराइयों से लेकर व्यापक नाभिकीय ऊर्जा कार्यक्रम तक, यूसीआईएलने यूरेनियम खनन एवं प्रसंस्करण में स्वदेशी क्षमता के निर्माण में महत्वपूर्ण और उत्तरदायित्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन छह दशकों के दौरान यूसीआईएलकार्मिकों की पीढ़ियों ने कठिन परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण परिवेश में कार्य करते हुए इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रयास को निरंतर बनाए रखने के लिए उल्लेखनीय समर्पण और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है। भारत जब नाभिकीय ऊर्जा की विस्तारित भूमिका की ओर अग्रसर है तब यह महत्वपूर्ण पड़ाव उन लोगों, प्रौद्योगिकियों और प्रणालियों कोसम्मानपूर्वक स्मरण करने का भी अवसर है, जिन्होंने इस यात्रा को निरंतर गतिप्रदान की है तथा भविष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ बढ़ने का मार्ग प्रशस्तकिया है।”

    डॉ. अजित कुमार मोहान्ती, सचिव,परमाणु ऊर्जा विभाग एवं अध्यक्ष, परमाणु ऊर्जा आयोग ने इस अवसर पर अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए कहाकि “हीरक जयंती वर्ष यूसीआईएलके योगदान को पहचानने तथा जैसे-जैसे भारत नाभिकीय ऊर्जा मिशन में आगे बढ़ रहा है, निरंतर नवाचार और क्षमता निर्माण के महत्व की पुनः पुष्ट करने का अवसर है।”

    हीरक जयंती वर्ष कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषतानरवापहाड़ स्थित सूचना केंद्र में आयोजित पत्रकार कार्यशालाथी। इसके साथ ही पऊविकी इकाइयों एवं संस्थानों से उद्भूत प्रौद्योगिकियों और उनके अनुप्रयोगों को प्रदर्शित करने वाली डीएई प्रौद्योगिकी प्रदर्शनीभी आयोजित की गई।

    इस कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागीमीडिया प्रतिनिधियों को भारत के नाभिकीयऊर्जा कार्यक्रम के पीछे केविज्ञान, प्रौद्योगिकी और इसमें कार्यरत लोगों को निकटता से समझने का अवसर मिला। इसने मीडिया प्रतिनिधियों को वैज्ञानिकों, अभियंताओं और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ संवाद करने तथा संस्थानों से उद्भूत प्रौद्योगिकियों, प्रणालियों और अनुप्रयोगों की गहन समझ प्राप्त करने का अवसर मिलाजो व्यापक नाभिकीय एवं विकिरण प्रौद्योगिकी पारितंत्र (इकोसिस्टम)का निर्माण करते हैं।

    मीडिया प्रतिनिधियों ने यूसीआईएलकी यूरेनियम खनन एवं पेषण (मिलिंग) सुविधाओं का दौरा किया।इस दौरान उन्हें खनन कार्यों, अयस्क प्रबंधन एवं प्रसंस्करण प्रणालियों तथाप्रचालन स्थलों पर अपनाई जाने वाली प्रौद्योगिकियों और कार्य-पद्धतियों काप्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।

    यूसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. काचम आनंद रावने कहा कि “हीरक जयंती वर्ष यूसीआईएलपरिवार के प्रत्येक सदस्य के लिए गर्व का महत्वपूर्ण पड़ाव है। छह दशकों के दौरान यूसीआईएल ने यूरेनियम खनन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र मेंविशेषज्ञता और आधारभूत संरचना को निरंतर सुदृढ़ किया है तथा प्रौद्योगिकी, संरक्षा और पर्यावरणीय प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को मजबूतबनाया है।इस अवसर पर मीडिया प्रतिनिधियों के लिए अपनेप्रचालन एवं सुविधाओं कोप्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर प्रदान करते हुए हमें विशेषप्रसन्नता हुई। पत्रकार कार्यशाला और पऊविप्रौद्योगिकी प्रदर्शनी ने हमारे प्रचालनसे संबंधित विज्ञान, प्रौद्योगिकी और इसमें कार्यरत लोगों के साथ-साथ पऊविके व्यापक योगदान से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।”

    वर्ष 1967 में स्थापित यूसीआईएल, भारत की स्वदेशी यूरेनियम खनन एवं प्रसंस्करण क्षमताओं के विकास का एक अभिन्न अंग रहा है और भारत के नाभिकीय ऊर्जा कार्यक्रम के लिए आवश्यकसंसाधन आधारउपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।। हीरक जयंती वर्ष समारोह ने एक विशिष्ट राष्ट्रीय क्षमता के क्रमिक विकास को रेखांकित किया—जिसमेंभूमिगत एवं खुले क्षेत्र में खनन, अयस्क प्रसंस्करण, प्रौद्योगिकी विकास, व्यावसायिक संरक्षा, विकिरण संरक्षण तथा पर्यावरणीय प्रबंधनजैसे विविध आयाम सम्मिलित हैं।

    छहदशकोंकाअनुभव।क्षमताकेप्रतिनिरंतरप्रतिबद्धता।औरभारतके
    नाभिकीयऊर्जाकार्यक्रमकेभविष्यकीओरअनवरतयात्राकाएकनयासंकल्प।
    अग्रणीभूमिकामेंयूरेनियम