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    एआईसी अणुशक्ति ने उद्योग जगत के साथ बीएआरसी की 22 प्रौद्योगिकियों के अंतरण के लिए करार किया

    प्रकाशित तिथि : सितम्बर 15, 2026
    AIC ANUSHAKTI Signs 22 BARC technology transfer agreements with industry

    प्रौद्योगिकी अंतरण और सहयोग प्रभाग द्वारा एआईसी बीएआरसी अणुशक्ति फाउंडेशन (एआईसी अणुशक्ति) के सहयोग से बुधवार, दिनांक 09 सितंबर, 2026 को प्रौद्योगिकी अंतरण एवं इन्क्यूबेशन करार पर हस्ताक्षर, उत्पाद लोकार्पण तथा प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। एआईसी अणुशक्ति की स्थापना अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम), नीति आयोग के अंतर्गत की गई है। इसका उद्देश्य भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) की स्पिन-ऑफ प्रौद्योगिकियों का वाणिज्यिकरण कर देश में स्टार्ट-अप पारितंत्र को बढ़ावा देना है। बीएआरसी परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) का प्रमुख बहु-विषयक अनुसंधान एवं विकास केंद्र है।

    एआईसी अणुशक्ति, बीएआरसी की प्रौद्योगिकी रूपांतरण की शाखा के रूप में काम करता है और बीएआरसी की प्रौद्योगिकियों के वाणिज्यिकरण के लिए उन्हें लाइसेंस प्रदान करता है। इसके साथ ही इन हाउस इनक्यूबेशन के माध्यम से इन प्रौद्योगिकियों में मूल्‍यवर्धन भी किया जाता है। उद्योग से प्राप्त नवोन्मेषी विचारों के लिए सहयोगात्मक इन्क्यूबेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है, जिसमें बीएआरसी द्वारा मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता दी जाती है। बीएआरसी एक समर्पित ग्रामीण उद्यमिता विकास कार्यक्रम – AKRUTI भी संचालित करता है।

    डॉ. ए.के. दुरेजा, निदेशक, ज्ञान प्रबंधन वर्ग (केएमजी), बीएआरसी ने एआईसी अणुशक्ति और टीटी एंड सीडी, केएमजी, बीएआरसी की गतिविधियों की जानकारी दी। डॉ. एस. गौतम, प्रमुख, खाद्य प्रौद्योगिकी प्रभाग (एफटीडी), बीएआरसी ने खाद्य प्रौद्योगिकियों और खाद्य किरणक के संबंध में जानकारी दी।

    इस कार्यक्रम में 22 प्रौद्योगिकी अंतरण करार, 2 इन्क्यूबेशन करार और 3 उत्पादों का लोकार्पण किया गया। (विवरण www.aicanushakti.org पर उपलब्ध है)। अंतरित प्रौद्योगिकियों में रिएक्टरों के लिए हाइड्रोजन शमन प्रणाली, टेली-ईसीजी, वस्त्र उद्योग के अपशिष्ट जल से रंग हटाने की प्रणाली, बोरॉन कार्बाइड उत्पादन और जैव अपशिष्ट परिवर्तक शामिल हैं। कार्यक्रम में एक जीवंत और संवादात्मक प्रतिक्रिया सत्र भी आयोजित किया गया इसमें उद्योग जगत के लाइसेंसधारकों ने अपना अनुभव साझा किया और बताया कि बीएआरसी के सहयोग तथा मार्गदर्शन से उन्होंने अपने प्रथम प्रोटोटाइप विकास की दिशा में कैसे कार्य किया। उन्होंने बाजार की आवश्यकताओं के अनुसार इनक्यूबेशन के दौरान अपने उत्पाद को और बेहतर बनाने उसका वाणिज्यिकरण करने के बारे में भी अपने विचार साझा किए। प्रौद्योगिकी की बारिकियों को बेहतर ढंग से समझने के लिए बीएआरसी के प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों के साथ संवाद की व्यवस्था भी की गई। कार्यक्रम के कुछ छायाचित्र संलग्न हैं