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    DAE-समर्थित ओलंपियाड कार्यक्रम ने इंटरनेशनल साइंस और मैथमेटिक्स ओलंपियाड 2026 में भारत की युवा शक्ति को सशक्त बनाया।

    प्रकाशित तिथि : जुलाई 27, 2026
    DAE-Nurtured Olympiad Programme Powers India's Yuva Shakti at International Science and Mathematics Olympiads 2026

    • भारतीय विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित ओलंपियाड 2026 में असाधारण प्रदर्शन किया, जिससे वैश्विक वैज्ञानिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और सुदृढ़ हुई।
    • वर्ष 2026 के अभियान में 12 स्वर्ण और 7 रजत पदक अर्जित किए गए। विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड और रसायन विज्ञान ओलंपियाड में ऐतिहासिक रूप से सभी स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि ‘गोल्डन स्वीप्स’ भी शामिल है।
    • ये उपलब्धियां विज्ञान और गणित के क्षेत्र में भारत के राष्ट्रीय ओलंपियाड कार्यक्रम की सुदृढ़ता को दर्शाती हैं। इस कार्यक्रम का नेतृत्व होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (एचबीसीएसई) द्वारा किया जाता है, जो परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के अधीन सहायता प्राप्त संस्थान, टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान (टीआईएफआर) का एक राष्ट्रीय केंद्र है।
    • लगभग चार दशकों से परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) ने भारत की प्रतिभाशाली युवा प्रतिभाओं की पहचान करने, उनका मार्गदर्शन करने तथा उन्हें विश्व की सर्वोच्च प्रतिष्ठित विज्ञान तथा गणित प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए संस्थागत आधार प्रदान किया है।

    परमाणु ऊर्जा विभाग ने भारत की वैज्ञानिक प्रतिभाओं के संवर्धन के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को एक बार को पुनः दोहराया है। ‘राष्ट्रीय ओलंपियाड कार्यक्रम’ के तहत प्रशिक्षित विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित ओलंपियाड 2026 में देश के अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक प्रस्तुत किया है। ये उपलब्धियां भारत के युवाओं की असाधारण क्षमता को रेखांकित करती हैं तथा मजबूती को दर्शाती हैं, जिससे देश की सर्वाधिक प्रतिभाशाली युवाओं की पहचान करने, उनका मार्गदर्शन करने और उन्हें प्रेरित करने के लिए दशकों के अथक प्रयासों से विक़सित राष्ट्रीय तंत्र (इकोसिस्टम) की सुदृढ़ता का पता चलता है। ओलंपियाड टीमों की उल्लेखनीय सफलता भारत की ‘युवा शक्ति’ तथा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को वैश्विक मंच पर अपनी पूर्ण क्षमता साकार करने के अवसर उपलब्ध कराने में देश द्वारा किए जा रहे सतत निवेश का सशक्त प्रतिबिंब है।

    2026 का ओलंपियाड सत्र अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में भारत के प्रदर्शन के इतिहास में एक ऐतिहासिक अध्याय के रूप में एक विशिष्ट स्थान रखता है। चारों ओलंपियाड में भारतीय दल ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 12 स्वर्ण और 7 रजत पदक अर्जित किए जिनमें भौतिकी और रसायन विज्ञान में सभी स्वर्ण पदक जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि ‘गोल्डन स्वीप’ हासिल की। इसके अतिरिक्त जीव-विज्ञान एवं गणित में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विश्व के सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाशाली युवाओं के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए भारतीय विद्यार्थियों ने असाधारण वैज्ञानिक अभिरुचि, लगन और नवाचार का परिचय कर देश को गौरवान्वित किया तथा विज्ञान एवं गणित के क्षेत्र में एक वैश्विक शक्ति के रूप में भारत के उभरते स्वरूप की पुनः पुष्टि हुई।

    2026 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड भारत का प्रदर्शन
    अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड सभी 5 स्वर्ण, संयुक्त रूप से विश्व में प्रथम स्थान
    अंतरराष्ट्रीय रसायन विज्ञान ओलंपियाड सभी 4 स्वर्ण, संयुक्त रूप से विश्व में प्रथमस्थान
    अंतरराष्ट्रीय जीव विज्ञान ओलंपियाड 1 स्वर्ण, 3 रजत
    अंतरराष्ट्रीय गणितीय ओलंपियाड 2 स्वर्ण, 4 रजत

    विद्यार्थियों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए डॉ. अजित कुमार मोहान्ती, सचिव, परमाणु ऊर्जा विभाग एवं अध्यक्ष, परमाणु ऊर्जा आयोग ने कहा कि “अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन देश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है और भारत की वैज्ञानिक भावना का उत्सव है। ये उपलब्धियां विद्यार्थियों के समर्पण, मार्गदर्शकों और शिक्षकों के अमूल्य मार्गदर्शन तथा दशकों के अथक प्रयासों से विकसित संस्थागत राष्ट्रीय तंत्र (इकोसिस्टम) की सुदृढ़ता को प्रतिबिंबित करती है।”

    इस सफलता के केंद्र में होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (एचबीसीएसई) है जो परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन सहायता प्राप्त संस्थान, टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान (टीआईएफआर) का एक राष्ट्रीय केंद्र है। भारत के विज्ञान और गणितीय ओलंपियाड कार्यक्रमों के राष्ट्रीय नोडल केंद्र के रूप में, एचबीसीएसई अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए विद्यार्थियों की प्रतिभा की पहचान, अभिमुखीकरण, उन्नत प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के लिए कड़ी एवं बहुचरणीय प्रक्रिया संचालित करता है तथा देश के सर्वाधिक प्रतिभाशाली प्री-यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सर्वोच्च प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करता है। परमाणु ऊर्जा विभाग के निरंतर संस्थागत सहयोग और वैज्ञानिक उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के कारण यह कार्यक्रम विश्व के सबसे सम्मानित ओलंपियाड तंत्रों में से एक बन गया है।

    भारत के ओलंपियाड कार्यक्रम के संवर्धन में परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा प्रदान किए गए निरंतर सहयोग को स्वीकार करते हुए एचबीसीएसई के केंद्र निदेशक प्रोफेसर अर्नब भट्टाचार्य ने कहा कि “हम एचबीसीएसई को प्रदान किए गए अमूल्य सहयोग तथा देश में वैज्ञानिक प्रतिभाओं को निखारने के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग का हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। हमारे विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन, युवा प्रतिभाओं की भावी पीढ़ी की पहचान करने, उन्हें निखारने और प्रेरित करने के हमारे मिशन की पुनः पुष्टि करता है। इसके साथ ही यह पूरे देश में विज्ञान और गणित के क्षेत्र में उत्कृष्टता की संस्कृति को प्रोत्साहित करता है।”

    ओलंपियाड गतिविधियों में परमाणु ऊर्जा विभाग का योगदान केवल प्रायोजन तक सीमित नहीं है बल्कि उससे कहीं अधिक व्यापक है। डीएई, टीआईएफआर और एचबीसीएसई का सहयोग कर एक ऐसा समृद्ध राष्ट्रीय तंत्र (इकोसिस्टम) विकसित करने में सहयोग करता है जो वैज्ञानिक प्रतिभा को निखारने के साझा मिशन के माध्यम से देश भर के वैज्ञानिकों, शिक्षकों, शैक्षणिक संस्थानों और विषय विशेषज्ञों के लिए एक मंच प्रदान करता है। इस सहयोगी ढ़ांचे ने लगातार ऐसे ओलंपियन तैयार किए हैं जिन्होंने भारत और विदेशों में उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक नेतृत्व के क्षेत्रों में अपनी उत्कृष्टता को प्रदर्शित किया है।

    परमाणु ऊर्जा विभाग सभी पदक विजेताओं, टीम लीडरों, मार्गदर्शकों, वैज्ञानिक पर्यवेक्षकों, एचबीसीएसई के ओलंपियाड इकाइयों, शिक्षक संगठनों और रिसोर्स व्यक्तियों के देशव्यापी नेटवर्क को हार्दिक बधाई देता है, जिनके समर्पण से ये उपलब्धियां संभव हो पाई हैं। परमाणु ऊर्जा विभाग विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, अंतरिक्ष विभाग और भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निरंतर सहयोग की भी सराहना करता है, जिनके सहयोग से भारत का राष्ट्रीय ओलंपियाड कार्यक्रम और अधिक सुदृढ़ हुआ।

    वर्ष 2026 में भारत के ओलंपियाड दल की ये उपलब्धियां इस तथ्य की पुष्टि करती हैं कि वैज्ञानिक शिक्षा और प्रतिभा संवर्धन में निरंतर किया गया निवेश दूरगामी और परिवर्तनकारी परिणाम देता है। जैसे-जैसे राष्ट्र एक वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर हो रहा है परमाणु ऊर्जा विभाग युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं को प्रेरित करने, उत्कृष्टता के संस्थानों को सशक्त बनाने और विज्ञान, नवाचार तथा मानवीय क्षमता से सशक्त भविष्य के निर्माण के प्रति अपने संकल्प पर दृढ़ है।